वाराणसी में बैंक यूनियनों की हड़ताल का व्यापक असर, पांच दिनों के वर्किंग डे की प्रमुख मांग

वाराणसी में मंगलवार को बैंक यूनियनों की एक दिवसीय हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। इंडियन बैंक ऑफिसर फेडरेशन, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, यूपी बैंक इम्पलाइज यूनियन सहित कुल नौ बैंक यूनियनों के आह्वान पर कर्मचारी कामकाज से दूर रहे। जिले के विभिन्न बैंक शाखाओं के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे लेन-देन, नकद निकासी, जमा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पहुंचे ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग बैंक बंद मिलने पर नाराज दिखाई दिए और कर्मचारियों के कामकाज से दूर रहने पर असंतोष भी जताया।
यूपी बैंक इम्पलाइज यूनियन, वाराणसी इकाई के अध्यक्ष रामबिशुन ने बताया कि जनपद के विभिन्न बैंक शाखाओं के बाहर सुबह से ही कर्मचारी अपनी प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन की सबसे अहम मांग बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिनों का वर्किंग डे लागू करना है।
रामबिशुन ने बताया कि वर्ष 2015 से पांच दिन कार्य सप्ताह लागू करने की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों की अन्य सेवा शर्तों, कार्य-स्थितियों और सुविधाओं से जुड़ी मांगें भी लंबित हैं।
यूनियन नेताओं का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फाइव डे वर्किंग सिस्टम लागू किया जाना आवश्यक है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था कई सरकारी और निजी क्षेत्रों में पहले से लागू है, इसलिए बैंकिंग क्षेत्र में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।
हड़ताल के चलते दिनभर बैंक शाखाओं के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी का दौर चलता रहा। हालांकि, आवश्यक सेवाओं को लेकर कुछ जगहों पर सीमित स्तर पर कार्य भी हुआ, लेकिन सामान्य कामकाज काफी हद तक प्रभावित रहा।
इस हड़ताल ने एक बार फिर बैंक कर्मचारियों की कार्य-शर्तों और मांगों को केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बैंक प्रबंधन और सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।






