ब्रिटेन में ईरानी दूतावास के संदेश पर बवाल, राजदूत तलब; सरकार बोली- भड़काऊ और अस्वीकार्य

United Kingdom में स्थित Iranian Embassy in London के एक विवादित सोशल मीडिया संदेश को लेकर बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने इस संदेश को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए ईरानी राजदूत Seyed Ali Mousavi को तलब किया है। ब्रिटिश सरकार ने इस बयान को पूरी तरह अस्वीकार्य और भड़काऊ करार दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह संदेश दूतावास के आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जारी किया गया था, जिसमें ब्रिटेन में रह रहे ईरानियों से अपने देश के लिए ‘जान कुर्बान करने’ की अपील की गई थी। इस खुलासे के बाद Daily Mail सहित कई ब्रिटिश मीडिया संस्थानों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिससे मामला और गरमा गया। वहीं, ईरानी दूतावास ने इस संदेश को देशभक्ति का प्रतीक बताते हुए किसी भी प्रकार की हिंसा भड़काने के आरोपों से इनकार किया है।

ब्रिटेन की आतंकवादरोधी एजेंसियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि पोस्ट में ‘गर्वित ईरानी हमवतनों’ से शहादत के कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया गया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य-पूर्व मामलों के मंत्री Hamish Falconer ने स्पष्ट कहा कि इस तरह के संदेश किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

इस विवाद के बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस Reza Pahlavi के चीफ ऑफ स्टाफ Cameron Khansarinia ने इसे ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है। वहीं Israel ने भी इस पोस्ट की कड़ी आलोचना की है और इसे खतरनाक बताया है।

गौरतलब है कि Keir Starmer ने हाल ही में संकेत दिए थे कि Islamic Revolutionary Guard Corps को जल्द ही आतंकवादी संगठन घोषित किया जा सकता है। अमेरिका और कनाडा पहले ही आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं। इसी बीच लंदन में एक सिनेगॉग में आगजनी की घटना की जिम्मेदारी लेने वाले संगठन ‘हरकत अशहाब अल-यामीन अल-इस्लामिया’ के ईरान से कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है।

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