ट्विशा शर्मा मौत मामला: पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
मध्य प्रदेश की चर्चित अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को भोपाल की विशेष सीजेएम अदालत में पेश किया। पांच दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों आरोपितों को 16 जून तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया।
सीबीआई ने आगे की रिमांड नहीं मांगी
सोमवार को सीन रीक्रिएशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया। सीबीआई की ओर से आगे की पुलिस रिमांड की मांग नहीं किए जाने पर न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुरक्षा कारणों से दोनों को जेल में अलग बैरक में रखा जाएगा।
अदालत में हुई तीखी बहस
सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। आरोपित गिरिबाला सिंह ने ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव पर समर्थ सिंह के साथ जबलपुर अदालत परिसर में मारपीट का आरोप लगाया।
इस पर अनुराग श्रीवास्तव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से सच्चाई सामने लाई जा सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि फरारी के दौरान समर्थ सिंह कहां और किसके संरक्षण में छिपा हुआ था।
जांच में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर
सीबीआई जांच में भोपाल पुलिस की प्रारंभिक जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच में सामने आया है कि जिस लिगेचर बेल्ट (फंदे के रूप में प्रयुक्त बेल्ट) के सहारे ट्विशा का शव मिला था, उसे तत्काल फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित नहीं किया गया।
आरोप है कि तत्कालीन जांच अधिकारी एसआई दिनेश शर्मा ने इस महत्वपूर्ण साक्ष्य को लगभग दो दिनों तक अपनी निजी कार में रखा। इतना ही नहीं, एम्स भोपाल में हुए पोस्टमॉर्टम के दौरान भी यह बेल्ट डॉक्टरों को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। बाद में परिजनों के सवाल उठाने के बाद इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।
सीबीआई कर सकती है पूछताछ
सूत्रों के अनुसार सीबीआई अब तत्कालीन जांच अधिकारी की भूमिका की भी जांच कर रही है। एजेंसी जल्द ही उनसे पूछताछ कर सकती है और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि महत्वपूर्ण साक्ष्य को सुरक्षित रखने में इतनी बड़ी चूक क्यों हुई।
आरोपों से किया इनकार
सीबीआई रिमांड के दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए प्रताड़ना, मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। दोनों का कहना है कि ट्विशा के साथ उनके संबंध सामान्य थे और उन्होंने किसी प्रकार का उत्पीड़न नहीं किया।
आर्थिक पहलू की भी जांच
जांच के दौरान एक नया वित्तीय एंगल भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक ट्विशा शर्मा को जिस कंपनी में वह मॉडल और अभिनेत्री के रूप में कार्यरत थीं, वहां से पिछले छह से सात महीनों से नियमित वेतन नहीं मिला था।
सीबीआई अब यह भी जांच कर रही है कि आर्थिक तनाव, पेशेवर दबाव और पारिवारिक परिस्थितियों का उनकी मानसिक स्थिति पर कोई प्रभाव पड़ा था या नहीं। सीन रीक्रिएशन से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्यों का मिलान भी संबंधित बयानों से किया जा रहा है।
जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी
ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की जांच अभी जारी है। एजेंसी तकनीकी, फोरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।






