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होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर ट्रंप का यूरोपीय देशों को कड़ा संदेश, नाटो के भविष्य पर जताई चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने यूरोपीय देशों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि NATO के सदस्य देश Strait of Hormuz की सुरक्षा में सहयोग नहीं करते हैं, तो गठबंधन का भविष्य गंभीर संकट में पड़ सकता है।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने Financial Times को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि जो देश इस जलडमरूमध्य से आर्थिक लाभ उठाते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी योगदान देना चाहिए।

नाटो के भविष्य को लेकर चेतावनी

ट्रंप ने कहा,
“अगर इस मामले में कोई जवाब नहीं आता है, तो मुझे लगता है कि यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सुरक्षा के लिए बारूदी सुरंगों को नष्ट करने वाले जहाजों सहित कई सैन्य संसाधनों की आवश्यकता पड़ सकती है।

यूक्रेन युद्ध का भी किया जिक्र

राष्ट्रपति ट्रंप ने Ukraine और Russia के बीच चल रहे युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन की मदद की, जबकि इसकी कोई बाध्यता नहीं थी।

उन्होंने कहा कि अब समय है यह देखने का कि सहयोगी देश अमेरिका की मदद के लिए कितना आगे आते हैं।

ब्रिटेन पर भी जताई नाराजगी

ट्रंप ने Keir Starmer के प्रति भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि United Kingdom ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों का तुरंत समर्थन नहीं किया।

जापान ने जहाज भेजने से किया इनकार

इस मुद्दे पर Sanae Takaichi ने कहा कि Japan फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए कोई जहाज भेजने की योजना नहीं बना रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की ओर से टोक्यो से सीधे तौर पर कोई अनुरोध नहीं किया गया है, हालांकि सरकार इस मामले में संभावित विकल्पों पर विचार कर रही है।

रणनीतिक रूप से बेहद अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य

फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है, इसलिए इसकी सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

वर्तमान में नाटो में कुल 32 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें हाल ही में Sweden भी शामिल हुआ है। यह सैन्य गठबंधन यूरोप और उत्तरी अमेरिका के देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया था।

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