“थैलेसीमिया बाल सेवा योजना” के तहत इंदौर में नि:शुल्क HLA टाइपिंग जांच शिविर आयोजित

इंदौर, 24 फरवरी 2026 – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश के थैलेसीमिया मरीजों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “थैलेसीमिया बाल सेवा योजना” के तहत आज एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर के ऑडिटोरियम में नि:शुल्क HLA टाइपिंग जांच शिविर आयोजित किया गया।
इस शिविर में इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग के चिन्हित मरीजों की नि:शुल्क जांच की गई। यह आयोजन मेदांता फाउंडेशन, नई दिल्ली के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने शिविर का अवलोकन कर मरीजों और उनके परिजनों से संवाद किया। उन्होंने मेदांता फाउंडेशन के सीनियर हिमैटोऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. सत्यप्रकाश यादव और सीएसआर हेड सुश्री कौसर किदवई से शिविर की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि चयनित मरीजों की जांच और उपचार में पूर्ण संवेदनशीलता बरती जाए।
शिविर में बताया गया कि थैलेसीमिया से ग्रस्त पात्र मरीजों और उनके मैच डोनर का चयन निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्र मरीजों का उपचार मेदांता फाउंडेशन के रजिस्टर्ड बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर, गुरुग्राम में किया जाएगा। सामान्यतः इस उपचार में लगभग 14-15 लाख रुपये का खर्च आता है, जिसे मध्यमवर्गीय परिवार वहन नहीं कर पाते। लेकिन प्रदेश शासन की योजना के तहत यह उपचार पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। इस कारण मरीजों को बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। औषधियों और रक्त आधान से इसकी गंभीरता कम की जा सकती है, लेकिन बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही इसका स्थायी उपचार है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में थैलेसीमिया से ग्रसित मरीजों को शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में नि:शुल्क दवाएं और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही सभी ब्लड सेंटर्स से नि:शुल्क रक्ताधान की सुविधा भी दी जा रही है।
यह पहल थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए आशा की नई किरण साबित हो रही है, जिससे वे सा
मान्य और स्वस्थ जीवन जी सकें। 






