सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर लगाई रोक, नए आदेश तक 2012 के नियम लागू रहेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक वर्ष 2012 के यूजीसी नियम ही लागू रहेंगे।
मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा कि जब तक इस विषय पर विस्तृत सुनवाई पूरी नहीं हो जाती और अदालत की ओर से कोई नया निर्देश जारी नहीं किया जाता, तब तक पुरानी व्यवस्था के तहत ही काम किया जाएगा। अदालत के इस फैसले से देशभर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों को अस्थायी राहत मिली है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई थी कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा हाल ही में जारी किए गए नए नियमों से उच्च शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा और इससे शिक्षकों तथा संस्थानों के अधिकारों से जुड़े कई सवाल खड़े होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत के रूप में नए नियमों पर रोक लगाने का निर्णय लिया।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि मामले की अगली सुनवाई में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। तब तक उच्च शिक्षा से जुड़े सभी मामलों में 2012 के यूजीसी नियमों का ही पालन किया जाएगा।
शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश न केवल विश्वविद्यालयों के लिए बल्कि छात्रों और शिक्षकों के हितों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अब सभी की नजरें अदालत के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं, जो यूजीसी के नए नियमों की दिशा और भविष्य तय करेगा।






