शिमला में नेपाली मजदूर की हत्या, नदी किनारे हाथ-पैर बंधे शव बरामद

शिमला जिले के चिड़गांव क्षेत्र में एक नेपाली मजदूर की हत्या कर उसका शव नदी किनारे फेंक दिया गया। मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और सिर पर गहरी चोट के निशान मिले। सुबह जब स्थानीय लोगों ने शव देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान सेती राम उर्फ राकेश प्रताप (46 वर्ष), जिला सल्याणी, नेपाल के रूप में हुई है। वह पिछले चार महीनों से बडियारा में मजदूरी कर रहा था। बताया गया कि मंगलवार शाम को वह नेपाल मूल के कुछ अन्य लोगों के साथ देखा गया था और शराब का सेवन करने के बाद लापता हो गया।
शाम को शव पब्बर नदी के किनारे खिलोचा नाले के पास पड़ा मिला। स्थानीय निवासी दीपेंद्र पुत्र स्वर्गीय सुंदर लाल ने बताया कि मृतक का सिर दाहिने हिस्से पर गंभीर चोटिल था और शरीर का ऊपरी हिस्सा नग्न था। घटना की जानकारी तुरंत 112 हेल्पलाइन और ग्राम पंचायत के प्रधान को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डीएसपी प्रणव चौहान ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मृतक के साथ आखिरी बार देखे गए व्यक्तियों की पहचान कर रही है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण का खुलासा होगा।
पुलिस थाना चिड़गांव में इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 103 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हिंसक घटनाओं में फोरेंसिक साक्ष्यों और आसपास के गवाहों की जानकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।






