पश्चिम एशिया तनाव का असर, शेयर बाजार में भारी बिकवाली; सेंसेक्स 850 अंक से ज्यादा टूटा

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

पहले एक घंटे के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1.16 प्रतिशत और निफ्टी 1.01 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए। निवेशकों में बढ़ी चिंता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

सेंसेक्स 850 अंक से ज्यादा टूटा

बीएसई सेंसेक्स 142.11 अंक की गिरावट के साथ 74,507.73 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने से यह लगातार नीचे फिसलता गया और सुबह 10 बजे के आसपास 73,719.36 अंक तक पहुंच गया।

हालांकि निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी देखने को मिली, लेकिन दबाव बना रहा। सुबह 10:15 बजे सेंसेक्स 868.49 अंक की गिरावट के साथ 73,781.35 अंक पर कारोबार कर रहा था।

निफ्टी भी 23,250 के करीब पहुंचा

एनएसई निफ्टी 67.60 अंक टूटकर 23,415.95 के स्तर पर खुला। शुरुआती रिकवरी के बाद बाजार में बिकवाली हावी हो गई और निफ्टी 23,225.50 अंक तक फिसल गया।

सुबह 10:15 बजे निफ्टी 238 अंक की गिरावट के साथ 23,245.55 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

बाजार में सबसे अधिक दबाव आईटी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला।

गिरावट वाले प्रमुख शेयर:

  • TCS
  • Tech Mahindra
  • Infosys
  • HCL Technologies
  • Adani Enterprises

इन शेयरों में 2 प्रतिशत से लेकर करीब 7 प्रतिशत तक की कमजोरी दर्ज की गई।

कुछ शेयरों में दिखी मजबूती

कमजोर बाजार के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बनी रही।

बढ़त वाले प्रमुख शेयर:

  • Apollo Hospitals
  • ONGC
  • Bajaj Auto
  • Nestle India
  • Maruti Suzuki

इन शेयरों में 0.25 प्रतिशत से 1.63 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार की चौड़ाई भी कमजोर

शेयर बाजार की व्यापक तस्वीर भी कमजोर रही।

  • कुल सक्रिय शेयर: 2,746
  • बढ़त वाले शेयर: 885
  • गिरावट वाले शेयर: 1,861

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल 7 शेयर हरे निशान में रहे, जबकि 23 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी के 50 शेयरों में से 35 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यदि भू-राजनीतिक स्थिति में जल्द सुधार नहीं होता, तो बाजार में अस्थिरता आगे भी बनी रह सकती है।

फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी हुई है।

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