रीवा में 30 फीट गहरी बाबड़ी में डूबे दो छात्रों की मौत: स्कूल से जा रहे थे घर; एक्टिविस्ट बोले- ब्लाइंड स्पॉट को खुला रखने की अनुमति नहीं

रीवा। 30 फीट गहरी बाबड़ी में डूबने से दो छात्रों की मौत हो गई है। दोनों 15 अगस्त का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद घर जा रहे थे। पैर फिसलने से वह बाबड़ी में गिर गए। इस दौरान वह गहरे पानी में गिर गए और दोनों की मौत हो गई। घटना गढ़ थाना क्षेत्र की है। बच्चों की उम्र लगभग 13-14 साल है।
साथ में जा रहे अन्य बच्चे दौड़कर गांव पहुंचे। यहां माता-पिता को बताया। जानकारी मिलते ही पूरे गांव के लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने गढ़ थाना पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव के लोगों की मदद से दोनों को पानी से बाहर निकाला। पुलिसकर्मी ने CPR देना शुरू किया। बच्चों के पेट को दबाया लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थी।
टेढ़ताल और खर्रा गांव के हैं बच्चे
बताया जा रहा है कि घटना सुबह 11.30 बजे की है। लगभग 1 घंटा 40 मिनट तक खोजबीन के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। दोनों बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगेव भेजा गया। यहां डॉक्टर ने मौत की पुष्टी की। मृतक शिव पाठक टेढ़ताल है। वह पतंजलि पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। दूसरा बच्चा खर्रा गांव के सोनी परिवार का है। वह बाल भारती स्कूल में पढ़ता है।
पहले देखें घटना की तस्वीरें…
तस्वीर-1. बच्चों को निकालने के लिए पूरा गांव इकट्ठा हो गया।

तस्वीर-2. गांव के लोग पानी में उतरे। रस्सी से जाल फेंका।

तस्वीर-3. बच्चों को बाहर निकालते ही CPR दिया गया।

सात साल पहले हुई थी खुदाई
यह बाबड़ी खेल मैदान के पास है। जो 7 से 8 साल पुरानी है। आस-पास न तो चेतावनी बोर्ड है और ना ही बाउन्ड्री वॉल। वर्षों इसी तरह खुली है। इसमें भरे पानी का उपयोग खेत में सिंचाई के लिए होता है।
जिम्मेदारों के खिलाफ हो एक्शन
RTI एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी बोले- यह काफी गंभीर मामला है। जिला कलेक्टर और जिला CEO को तुरंत संज्ञान में लेना चाहिए। मामले में CEO जनपद पंचायत गंगेव, ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव-रोजगार सहायक के साथ-साथ हल्का पटवारी को सस्पेंड करना चाहिए। इसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जाना चाहिए। क्योंकि सभी ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन किया है।

ब्लाइंड स्पॉट को खुला रखने की अनुमति नहीं
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार कोई भी बाबड़ी और खुले बोरवेल नहीं रखे जाएंगे। यदि कोई कूप अथवा बाबड़ी है भी तो इसके चारों तरफ से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए। जिससे कोई भी न गिरें। यह सीधे-सीधे सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हैं जिसके लिए यह सभी अधिकारी जिम्मेदार हैं।