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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ऐतिहासिक संबोधन: अंगोला संसद में गूंजा भारत का लोकतंत्र और दोस्ती का संदेश

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज अंगोला की संसद में ऐतिहासिक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि भारत और अंगोला के बीच संबंध सिर्फ व्यापार या राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह साझा लोकतंत्र, शांति और विकास की भावना पर आधारित हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और वह अफ्रीकी देशों के साथ संसदीय सहयोग और जन-से-जन संबंधों को मजबूत बनाना चाहता है। उन्होंने अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लौरेंको के साथ द्विपक्षीय वार्ता में ऊर्जा, शिक्षा, डिजिटल साझेदारी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

अंगोला में करीब 8 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं और लगभग 200 भारतीय कंपनियाँ सक्रिय हैं — जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही हैं। राष्ट्रपति मुर्मु भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगी और उनकी उपलब्धियों की सराहना करेंगी।

यह यात्रा भारत की अफ्रीका नीति के तहत एक ऐतिहासिक कूटनीतिक पहल मानी जा रही है। राष्ट्रपति मुर्मु 8 से 13 नवंबर तक अंगोला और बोत्सवाना की यात्रा पर हैं और यह किसी भी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की इन दोनों देशों की पहली राजकीय यात्रा है।

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