पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खतरे में, शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो रही: पवन खेड़ा
कांग्रेस ने देश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही गड़बड़ियों के कारण लाखों युवाओं का भविष्य संकट में है और शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे ध्वस्त होती जा रही है।
सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पवन खेड़ा ने कहा कि देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और तकनीकी अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने NEET, CUET, JEE Main और BPSC जैसी प्रमुख परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं से लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं।
खेड़ा ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता लगातार कमजोर होती जा रही है। उनके अनुसार कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है और कुछ मामलों में युवाओं को गंभीर कदम उठाने तक की नौबत आ रही है।
कांग्रेस नेता ने CBSE परीक्षा मूल्यांकन और स्कैनिंग प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान नियमों में बदलाव किए गए, जिससे एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया। खेड़ा का दावा है कि पहले की प्रक्रिया में बड़ी कंपनियां शामिल थीं, लेकिन बाद में शर्तों में बदलाव कर नई व्यवस्था लागू की गई।
उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और स्कैनिंग प्रणाली में हुए बदलावों से पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। साथ ही पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लिए जाने के कारण अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
पवन खेड़ा ने शिक्षा क्षेत्र में सरकारी निवेश को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर खर्च में गिरावट आने से युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनका आरोप था कि जब देश के छात्र परीक्षा और रोजगार जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं से जूझ रहे हैं, तब इन मूलभूत मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कांग्रेस ने मांग की है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाया जाए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके और शिक्षा व्यवस्था में जनता का भरोसा कायम रहे।





