AI के दौर में इंसानों को कहानी सुनाना सीखना होगा: एनवीडिया CEO बोले- क्या पढ़ें नहीं, कैसे सीखें यह ज्यादा जरूरी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते दौर में बच्चों और युवाओं को क्या पढ़ना चाहिए, इसे लेकर दुनिया भर में बहस जारी है। इसी बीच एनवीडिया के CEO Jensen Huang ने भविष्य की शिक्षा और जरूरी स्किल्स को लेकर बड़ा बयान दिया है।
हुआंग का कहना है कि आने वाले समय में यह ज्यादा मायने नहीं रखेगा कि बच्चे कौन सा विषय पढ़ रहे हैं, बल्कि यह अहम होगा कि वे कैसे सीखते हैं और नई परिस्थितियों के हिसाब से खुद को कितनी तेजी से ढाल पाते हैं।
उन्होंने कहा कि AI के दौर में इंसानों को ऐसी क्षमताओं पर ध्यान देना होगा, जिन्हें मशीनें आसानी से कॉपी नहीं कर सकतीं। इनमें कहानी सुनाने (Storytelling), रचनात्मक सोच, जिज्ञासा और जटिल समस्याओं को समझने की क्षमता सबसे अहम होगी।
‘Storytelling’ क्यों जरूरी है?
हुआंग के मुताबिक, AI जानकारी दे सकता है, लेकिन इंसान उस जानकारी को संदर्भ, भावना और प्रभावशाली तरीके से पेश कर सकता है। इसलिए भविष्य में केवल टेक्निकल स्किल्स नहीं, बल्कि कम्युनिकेशन और कहानी कहने की कला भी बेहद महत्वपूर्ण होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टोरीटेलिंग केवल साहित्य या मीडिया तक सीमित नहीं है। बिजनेस, टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग, लीडरशिप और यहां तक कि साइंस में भी जटिल विचारों को आसान और असरदार ढंग से समझाने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।
बच्चों को क्या सीखना चाहिए?
हुआंग का कहना है कि बच्चों को सिर्फ एक विषय तक सीमित नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें—
- नई चीजें सीखने की आदत
- समस्या समाधान की क्षमता
- रचनात्मक सोच
- बेहतर संवाद कौशल
- बदलती तकनीक के साथ खुद को ढालने की समझ
जैसी क्षमताएं विकसित करनी चाहिए।
AI के दौर में शिक्षा का बदलता फोकस
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि AI कई पारंपरिक नौकरियों और कार्यशैलियों को बदल सकता है। ऐसे में भविष्य की शिक्षा केवल डिग्री या विषय आधारित नहीं रहेगी, बल्कि lifelong learning यानी लगातार सीखते रहने की क्षमता सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
एनवीडिया CEO का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दुनियाभर में AI के बढ़ते प्रभाव के बीच शिक्षा प्रणाली और करियर स्किल्स को लेकर नई बहस छिड़ी हुई है।





