न्यूजीलैंड क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में जेरेमी कोनी और हैडी टिफेन शामिल

न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने प्रतिष्ठित हॉल ऑफ फेम में पूर्व ऑलराउंडर जेरेमी कोनी और दिग्गज महिला क्रिकेटर हैडी टिफेन को शामिल किया है। पिछले साल घोषित “फर्स्ट इलेवन” के बाद यह पहला मौका है जब नए नाम जोड़े गए हैं।

जेरेमी कोनी का शानदार करियर
जेरेमी कोनी ने 1974 से 1987 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और 1980 के दशक में न्यूजीलैंड टीम के स्वर्णिम दौर में अहम भूमिका निभाई। उनकी कप्तानी में टीम ने 1985-86 में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन शामिल रहा।

कोनी ने अपने करियर में:

  • 52 टेस्ट मैचों में 2668 रन (3 शतक, 15 अर्धशतक)
  • 27 विकेट
  • 88 वनडे में 1874 रन और 54 विकेट
    हासिल किए। संन्यास के बाद वे सफल कमेंटेटर और प्रस्तुतकर्ता भी बने।

हैडी टिफेन का योगदान
हैडी टिफेन को न्यूजीलैंड की महान महिला क्रिकेटरों में गिना जाता है। उन्होंने 1999 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और लंबे समय तक टीम की रीढ़ बनी रहीं।

उनके प्रमुख आंकड़े:

  • 117 वनडे में 2919 रन (1 शतक, 18 अर्धशतक)
  • 49 विकेट
  • 2 टेस्ट और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच

कप्तान के रूप में उन्होंने न्यूजीलैंड टीम को 2009 विश्व कप फाइनल तक पहुंचाया। संन्यास के बाद उन्होंने टीम को कोचिंग भी दी।

सम्मान पर जताई खुशी
टिफेन ने इस सम्मान को अपने लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि वह उन महान खिलाड़ियों के साथ शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रही हैं, जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया।

हॉल ऑफ फेम की खास परंपरा
न्यूजीलैंड क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के लिए खिलाड़ी का देश का प्रतिनिधित्व करना और कम से कम पांच साल पहले संन्यास लेना जरूरी होता है। चयन खिलाड़ियों के प्रदर्शन, नेतृत्व और प्रभाव के आधार पर किया जाता है।

गौरतलब है कि इससे पहले सर रिचर्ड हैडली, ब्रेंडन मैक्कुलम, मार्टिन क्रो, डेनियल विटोरी जैसे दिग्गजों को भी इस सूची में शामिल किया जा चुका है।

जेरेमी कोनी और हैडी टिफेन को औपचारिक रूप से न्यूजीलैंड क्रिकेट अवॉर्ड्स समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा।

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