नेपाल के सर्लाही में भारतीय वाहनों पर रोक का विरोध, सर्वदलीय बैठक में फैसले पर पुनर्विचार की मांग

Nepal के Sarlahi District में भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। जिले में आयोजित सर्वदलीय बैठक में इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार से तत्काल पुनर्विचार की मांग की गई।
राजनीतिक दलों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि यह निर्णय सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। वर्षों से लोग 30 किलोमीटर के दायरे में भारतीय वाहनों का उपयोग कर आवागमन करते आ रहे हैं, ऐसे में इस सुविधा को अचानक बंद करना उचित नहीं है।
बैठक में यह भी कहा गया कि India और Nepal के बीच सदियों पुराने ‘बेटी-रोटी’ संबंध इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
आरोप लगाया गया कि District Administration Office Sarlahi ने शांति और सुरक्षा के नाम पर योजनाबद्ध तरीके से इस व्यवस्था को समाप्त करने की कोशिश की है। साथ ही बिना कस्टम ड्यूटी के वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की नीति पर भी नाराजगी व्यक्त की गई।
सर्वदलीय बैठक में प्रशासन से मांग की गई कि भारतीय वाहनों को पहले की तरह संचालन की अनुमति दी जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द निर्णय नहीं बदला गया, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस मुद्दे ने एक बार फिर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्रों में आवागमन और स्थानीय जीवन से जुड़े संवेदनशील पहलुओं को उजागर कर दिया है, जिस पर दोनों देशों के स्तर पर संतुलित समाधान की आवश्यकता बताई जा रही है।






