नेपाल को ग्रेटर लुम्बिनी परियोजना के लिए विश्व बैंक से 85 मिलियन डॉलर का ऋण

Nepal सरकार ने ग्रेटर लुम्बिनी परियोजना के लिए World Bank से 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर के रियायती ऋण को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय की जानकारी संघीय मामलों एवं सामान्य प्रशासन मंत्री Pratibha Rawal ने दी।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना Lumbini को केंद्र में रखकर कपिलवस्तु, रूपन्देही और पश्चिम नवलपरासी जिलों के समग्र विकास के लिए तैयार की गई है। इस योजना के तहत बौद्ध धर्म से जुड़े प्रमुख स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, परियोजना के लिए पूर्व वित्त मंत्री Bishnu Paudel की पहल पर पिछले वर्ष विश्व बैंक के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। समझौते के बाद यह राशि क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और पर्यटन सुविधाओं के विकास पर खर्च की जाएगी।
परियोजना के अंतर्गत सड़कों, नालियों, बस पार्क, विद्युतीकरण, ध्यान केंद्र, विश्राम स्थल, कैफे, सूचना केंद्र और स्थानीय उत्पादों के बिक्री केंद्र जैसे कई विकास कार्य किए जाएंगे।
लुम्बिनी, जो कि UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। यहां स्थित मायादेवी मंदिर, अशोक स्तंभ और पवित्र पुष्करिणी सरोवर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इसके अलावा कपिलवस्तु का तिलौराकोट, जहां राजकुमार सिद्धार्थ ने अपना बचपन बिताया, और रामग्राम स्तूप जैसे स्थलों का भी विकास किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से लुम्बिनी को एक वैश्विक आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सतत विकास को मजबूती मिलेगी।






