नासा का नया सुपर स्पेस सूट: 8 घंटे टॉयलेट बैकअप, स्मार्ट हेलमेट और चांद पर आसान वॉकिंग की सुविधा

नासा का नया सुपर स्पेस सूट: चांद पर आसान वॉकिंग, 8 घंटे टॉयलेट बैकअप और स्मार्ट फीचर्स
नासा (NASA) एक बार फिर इंसानों को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रहा है, लेकिन उसके महत्वाकांक्षी आर्टेमिस-3 मिशन को नए स्पेस सूट तैयार होने में देरी का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, एक्जिओम स्पेस (Axiom Space) द्वारा बनाए जा रहे नए स्पेस सूट 2031 तक तैयार होने में देरी हो सकती है। हालांकि, नासा प्रशासन के प्रमुख जेरड इसाकमैन ने भरोसा जताया है कि 2028 तक अंतरिक्ष यात्री इन्हीं सूट्स में चंद्रमा पर उतरेंगे।
नए स्पेस सूट की 7 बड़ी खासियतें
1. लिक्विड कूलिंग सिस्टम
स्पेस सूट के अंदर एक खास लिक्विड कूलिंग सिस्टम वाला अंडरगारमेंट होगा, जो अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर का तापमान नियंत्रित रखेगा और लंबे समय तक आरामदायक अनुभव देगा।
2. स्मार्ट शूज
नए सूट में स्मार्ट जूते दिए जाएंगे, जो चंद्रमा की सतह पर बेहतर पकड़ (ग्रिप) प्रदान करेंगे। इससे अपोलो मिशन की तरह उछलकर चलने की जरूरत कम होगी।
3. 8 घंटे का टॉयलेट बैकअप
सूट में वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम होगा, जिससे अंतरिक्ष यात्री सूट उतारे बिना करीब 8 घंटे तक जरूरतें पूरी कर सकेंगे। यह सिस्टम अत्यधिक ठंड में भी सुरक्षा देगा।
4. धूल-रोधी फैब्रिक
चंद्रमा की धूल बेहद महीन और नुकीली होती है। नए सूट का विशेष फैब्रिक धूल को कम चिपकने देगा, जिससे उपकरणों और सुरक्षा पर कम असर पड़ेगा।
5. आसान एंट्री सिस्टम
नए स्पेस सूट में ‘रियर एंट्री सिस्टम’ दिया जाएगा, जिससे अंतरिक्ष यात्री पीछे की ओर से आसानी से सूट पहन और उतार सकेंगे।
6. पुरुष और महिला दोनों के लिए डिजाइन
जहां अपोलो मिशन के सूट मुख्य रूप से पुरुषों के अनुसार बनाए गए थे, वहीं नया सूट पुरुष और महिला दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के लिए उपयुक्त होगा।
7. स्मार्ट हेलमेट
हेलमेट में एचडी कैमरा, लाइट्स और 4G/LTE कम्युनिकेशन सिस्टम होगा, जिससे रिकॉर्डिंग और संचार पहले से अधिक बेहतर हो सकेगा।
देरी क्यों हो रही है?
नासा ने 2022 में एक्सिओम स्पेस और कॉलिन्स एयरोस्पेस को यह प्रोजेक्ट सौंपा था, लेकिन बाद में कॉलिन्स एयरोस्पेस प्रोजेक्ट से अलग हो गई, जिसके बाद पूरा भार एक्जिओम स्पेस पर आ गया। इसी वजह से टेस्टिंग और डेवलपमेंट प्रक्रिया धीमी हो गई है।
क्या है आर्टेमिस-3 मिशन?
आर्टेमिस-3 मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारा जाएगा। मिशन का उद्देश्य वहां स्थायी बेस तैयार करने और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए आधार विकसित करना है।






