नासा का ऐतिहासिक कदम: 50 साल बाद चंद्रमा के लिए मानवयुक्त मिशन आर्टेमिस II लॉन्च

नासा ने 50 वर्षों से अधिक समय बाद चंद्रमा के लिए अपना ऐतिहासिक मानवयुक्त मिशन आर्टेमिस II सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह मिशन कैनेडी स्पेस सेंटर से भारतीय समयानुसार तड़के 3:54 बजे प्रक्षेपित किया गया।
इस मिशन में ओरियन अंतरिक्ष यान का उपयोग किया गया है, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री सवार हैं। इनमें रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
करीब 10 दिनों के इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री एक मिनीबस के आकार के कैप्सूल में चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह मिशन 1968 से 1972 के बीच हुए अपोलो मिशन के बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है, जिसमें एक महिला और एक गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं।
मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री जीवन-रक्षक प्रणाली, नेविगेशन और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकों का परीक्षण करेंगे। साथ ही वे अंतरिक्ष यान के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे और आपातकालीन प्रक्रियाओं का अभ्यास भी करेंगे। इसके अलावा, चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से की तस्वीरें भी ली जाएंगी।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भविष्य में मानवयुक्त चंद्र लैंडिंग के लिए तकनीकी और परिचालन तैयारियों का परीक्षण करना है। मिशन के अंत में ओरियन यान प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग करेगा।
लॉन्च से पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अंतरिक्ष क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है और यह मिशन अंतरिक्ष यात्रियों को गहन अंतरिक्ष में ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।






