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मुंबई विश्वविद्यालय में भारत-जापान प्रतिभा गतिशीलता कार्यक्रम, छात्रों को मिलेगा वैश्विक अवसर

मुंबई विश्वविद्यालय भारतीय विद्यार्थियों को जापान के अग्रणी उद्योगों से जोड़ने के लिए भारत-जापान प्रतिभा गतिशीलता कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। विश्वविद्यालय के करियर प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ द्वारा अलकेश दिनेश मोदी वित्तीय और प्रबंधन अध्ययन संस्थान के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और नवाचार में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने की पहल है। यह आयोजन विश्वविद्यालय के कलिना परिसर में आज संपन्न होगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार, अनुसंधान और कौशल विकास के अवसरों से जोड़ना है। जापान के शीर्ष उद्योगों और संस्थानों के प्रतिनिधि सीधे छात्रों के साथ संवाद करेंगे। इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विदेशी नौकरी और इंटर्नशिप के नए मार्ग खुलने की अपेक्षा है।

मुंबई विश्वविद्यालय के प्रमुख विभागों और संबद्ध महाविद्यालयों के लगभग 150 विद्यार्थी इस विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे। आयोजन के दौरान छात्र जापानी कंपनियों से रोजगार अवसरों, इंटर्नशिप, रिसर्च प्रोजेक्ट, तथा कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कार्यक्रम भारत-जापान के बीच उभरते तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को और सुदृढ़ करेगा। साथ ही, छात्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांगों के अनुरूप तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नवाचार, वैश्विक exposure और तकनीकी नेतृत्व क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

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