एमएसईआई 27 जनवरी से शुरू होगी ट्रेडिंग, बीएसई और एनएसई को मिलेगी सीधी चुनौती

देश में तीसरे स्टॉक एक्सचेंज के रूप में मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमएसईआई) की शुरुआत अब फाइनल हो गई है। एमएसईआई में 27 जनवरी 2026 से ट्रेडिंग शुरू होगी।

शुरुआत में एक्सचेंज पर 130 शेयरों के साथ कारोबार होगा। मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए विशेष योजना बनाई गई है, जिसमें मार्केट मेकर्स की नियुक्ति भी शामिल है।

एमएसईआई के सक्रिय होने से बीएसई और एनएसई को सीधी चुनौती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नए एक्सचेंज के कारण निवेशकों और ब्रोकर्स को ट्रेडिंग कॉस्ट कम करने और नए विकल्प तलाशने का अवसर मिलेगा। पहले तक भारत के शेयर बाजार पर बीएसई और एनएसई का पूरा नियंत्रण था।

धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी का कहना है कि शुरुआती दौर में एमएसईआई कैश सेगमेंट पर फोकस करेगा और निवेशकों का भरोसा जीतने की कोशिश करेगा। हालांकि बीएसई और एनएसई के मुकाबले इसे तुरंत चुनौती देना आसान नहीं होगा।

एमएसईआई फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में सेबी (SEBI) नियमों के तहत काम करेगा। मौजूदा नियमों के अनुसार, वीकली एक्सपायरी मंगलवार और गुरुवार को होती है। ऐसे में एमएसईआई को भी एक्सपायरी के लिए इन दिनों में से किसी एक दिन का चयन करना होगा।

देश में पहले छोटे एक्सचेंज जैसे दिल्ली, कोलकाता और मगध स्टॉक एक्सचेंज का दौर खत्म हो चुका है। अब अधिकांश ट्रेडिंग बीएसई और एनएसई के माध्यम से होती है। एनएसई की कैश मार्केट में हिस्सेदारी 90% से अधिक है, जबकि फ्यूचर्स और ऑप्शंस में 95% है। बीएसई की हिस्सेदारी कैश में 9-10%, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में 5% और इंडेक्स फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में 20% है।

एमएसईआई के सक्रिय होने से निवेशकों को विविध विकल्प मिलेंगे और मार्केट में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

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