मप्र में 4 दिन तक बारिश-ओलों का कहर, अब बढ़ेगी तेज गर्मी; 26 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय

मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों तक सक्रिय रहे मजबूत मौसम सिस्टम के कारण 45 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिला। इस दौरान 17 जिलों में ओले गिरने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार अब यह सिस्टम आगे बढ़ चुका है, जिसके चलते प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। अगले चार दिनों तक कहीं भी आंधी या बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।
हालांकि, 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाने की स्थिति बन सकती है।
शनिवार को राजधानी भोपाल सहित कुछ इलाकों में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
तापमान के आंकड़ों के अनुसार, पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में 30.6 डिग्री, उज्जैन में 31.5 डिग्री, जबलपुर में 29.5 डिग्री और ग्वालियर में 28.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
ओलावृष्टि और तेज आंधी का सबसे ज्यादा असर केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर पड़ा है। धार और खरगोन समेत कई जिलों में किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल और मई में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर देखने को मिलेगा।






