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मप्र कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल में FTRI, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ मंजूर

Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। इनमें भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (FTRI) की स्थापना, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाना प्रमुख है।

कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए Chetanya Kumar Kashyap ने बताया कि राज्य में वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए भोपाल में FTRI खोला जाएगा। यह संस्थान वित्तीय प्रबंधन, बजट विश्लेषण और शोध कार्यों के लिए काम करेगा। प्रारंभिक चरण में इसका संचालन प्रशासन अकादमी से किया जाएगा।

उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के विकास के लिए 590 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह राशि भूमि अधिग्रहण पर खर्च की जाएगी और एयरपोर्ट का निर्माण केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत किया जाएगा। एयरपोर्ट बनने के बाद Ujjain में एयरबस जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

उज्जैन धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, जहां Mahakaleshwar Jyotirlinga और Sandipani Ashram स्थित हैं। साथ ही यहां सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन भी होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

कैबिनेट ने अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी राहत देते हुए छात्रवृत्ति राशि को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। यह लाभ स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्रों को मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा कैबिनेट ने जनकल्याण और विकास कार्यों के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। वाणिज्यिक कर विभाग की योजनाओं, कृषि उपार्जन, वन संरक्षण, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी बड़े बजट आवंटन को मंजूरी मिली है।

मंत्रि-परिषद ने मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे 3,500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 120 गांवों के 1,358 परिवारों को लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही सरकार ने चना और मसूर की खरीद को भी मंजूरी दी है। चने की 25 प्रतिशत और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए 3,174 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मध्य प्रदेश सरकार के इन फैसलों को राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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