सरकार की बड़ी पहल: सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए ₹20,000 करोड़ की ऋण गारंटी योजना शुरू

केंद्र सरकार ने सूक्ष्म वित्त क्षेत्र को मजबूती देने के लिए ₹20,000 करोड़ की ऋण गारंटी योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य वित्तीय संकट से जूझ रहे सूक्ष्म वित्त संस्थानों (MFI) को राहत देना और ऋण प्रवाह को बढ़ावा देना है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह योजना बैंकों को माइक्रोफाइनांस संस्थानों को अधिक ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिसमें सरकार की ओर से गारंटी कवर प्रदान किया जाएगा, ताकि जोखिम कम किया जा सके।
यह योजना राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के माध्यम से लागू की जाएगी और इसके तहत NBFC-MFI और MFI को ₹20,000 करोड़ तक के ऋण प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का अनुमान है कि इस योजना से करीब 36 लाख छोटे उधारकर्ताओं को लाभ मिलेगा, जिससे वित्तीय समावेशन को मजबूती मिलेगी।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- पात्रता: RBI द्वारा निर्धारित सूक्ष्म वित्त मानकों के तहत आने वाले नए और मौजूदा छोटे उधारकर्ता
- गारंटी कवरेज:
- छोटे संस्थानों के लिए 80%
- मध्यम के लिए 75%
- बड़े संस्थानों के लिए निर्धारित अनुपात
- गारंटी शुल्क: पहले वर्ष 0.50% प्रति वर्ष
- ब्याज दर सीमा: EBLR/MCLR + अधिकतम 2%
- कम ब्याज शर्त: छोटे उधारकर्ताओं के लिए पिछले 6 महीनों की औसत दर से 1% कम
यह योजना 30 जून 2026 तक या ₹20,000 करोड़ की सीमा पूरी होने तक लागू रहेगी।
क्या होगा असर?
इस योजना से सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में ऋण की उपलब्धता बढ़ेगी, खासकर उन छोटे संस्थानों के लिए जिन्हें फंडिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
सरकार का मानना है कि यह योजना वित्तीय समावेशन, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।






