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कैलाश विजयवर्गीय बोले मौलाना मुर्ख: इंदौर शहर-काजी ने कहा- समर्थन नहीं; शिवजी को लेकर दिया था विवादित बयान

इंदौर। उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जरजीस अंसारी की भगवान शंकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद इंदौर में विरोध तेज हो गया है। शनिवार को चंदन नगर थाने पर कांवड़ियों ने प्रदर्शन कर मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की।

इंदौर के शहर-काजी डॉ. मोहम्मद इशरत अली ने भी मौलाना के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की टिप्पणी का समर्थन नहीं करते और ऐसे बयान समाज में तनाव पैदा करते हैं।

शहर-काजी बोले- दूसरे धर्म के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं
शहर-काजी डॉ. इशरत अली ने कहा, “हम मौलाना की बात का समर्थन नहीं करते। हम उन्हें जानते भी नहीं हैं। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और किसी को भी दूसरे धर्म के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है। सरकार को ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। हम किसी भी ऐसी बात का समर्थन नहीं करते, जिससे देश का माहौल खराब हो।”

चंदन नगर थाने पर कांवड़ियों ने किया था प्रदर्शन
मौलाना के बयान के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में कांवड़िए चंदन नगर थाने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मौलाना जरजीस अंसारी के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। मौलाना जरजीस अंसारी इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- ऐसे लोगों पर हो कानूनी कार्रवाई
मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौलाना के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से चर्चा में कहा कि भगवान शिव को लेकर इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास हैं।

विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसे लोग समाज की समरसता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे बयान देने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को भी इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।

मौलाना के बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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