महाकालेश्वर मंदिर में होली पर रंग-गुलाल प्रतिबंधित, दो दिन सख्त जांच के बाद ही प्रवेश

महाकालेश्वर मंदिर में होली के अवसर पर रंग-गुलाल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंदिर प्रबंध समिति के निर्णय के अनुसार 2 और 3 मार्च को श्रद्धालुओं को सख्त जांच के बाद ही मंदिर परिसर और महाकाल लोक में प्रवेश दिया जाएगा।
आग की घटना के बाद सख्ती
गौरतलब है कि वर्ष 2024 की धुलेंडी पर भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में भीषण आग लग गई थी, जिसमें पुजारी सहित लगभग 14 लोग झुलस गए थे। इसी घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार होली पर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
रंग-गुलाल पूरी तरह प्रतिबंधित
मंदिर समिति द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् सहित संपूर्ण मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।
रंग उड़ाना या विशेष उपकरण से रंग फैलाना वर्जित
एक-दूसरे को रंग लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित
सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच
सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे निगरानी
प्रतीकात्मक रूप से अर्पित होगा हर्बल गुलाल
भगवान श्री महाकालेश्वर की त्रिकाल आरती के दौरान प्रत्येक आरती में 1-1 किलोग्राम हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। यह गुलाल मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती, शयन आरती और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा।
सभी पर समान नियम
पुजारी, पुरोहित, अधिकारी, पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी और आउटसोर्स स्टाफ भी रंग-गुलाल लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। सभी को सामान की जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
मंदिर कंट्रोल रूम से पूरे परिसर की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी। किसी भी प्रकार के रंग या संबंधित उपकरण को तुरंत जब्त कर प्रवेश रोका जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस बार होली पर मंदिर परिसर में केवल धार्मिक परंपराओं के अनुरूप ही आयोजन होगा।






