माघ मेला 2026: अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को रोकने पर संगम नोज पर धरने पर बैठे शंकराचार्य

माघ मेला 2026 के तीसरे मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके भक्तों की पुलिस व प्रशासन से झड़प हो गई। दु:खी होकर शंकराचार्य ने संगम नोज पर गंगा स्नान किए बिना अपने शिविर लौटकर वहीं धरना शुरू कर दिया।
शंकराचार्य का कहना है कि पुलिस प्रशासन ससम्मान प्रोटोकॉल के साथ उन्हें नहीं ले जाएगा, तब तक वे गंगा स्नान नहीं करेंगे।
बताया गया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका और पैदल चलने का सुझाव दिया। लेकिन भक्तों ने इसे नहीं माना और रथ आगे बढ़ा। प्रशासन ने उन्हें रोक दिया, जिससे शंकराचार्य नाराज होकर बगैर स्नान किए वापस अपने शिविर लौट गए और धरने पर बैठ गए।
पुलिस अधीक्षक माघ मेला नीरज पांडेय ने कहा कि स्नान पर्व के दौरान वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद रथ पर सवार होकर शंकराचार्य आगे बढ़ना चाहते थे।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने बताया कि शंकराचार्य धरने पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें गलत तरीके से शिविर ले जाने का प्रयास किया।
पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साधु-संतों के साथ दुर्व्यवहार को अक्षम्य बताया और कहा कि यह सनातनी परंपरा में विघ्न डालने वाला कदम है।






