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खजराना गणेश मंदिर में गर्भगृह का द्वार होगा चौड़ा, सिंहस्थ से पहले मास्टर प्लान पर तेज काम

इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और बेहतर दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान के तहत बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। मंदिर प्रबंधन समिति ने इसी दिशा में एक अहम फैसला लेते हुए गर्भगृह के मुख्य द्वार की चौड़ाई बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम हो सके।

जानकारी के अनुसार, गर्भगृह के द्वार पर लगी चांदी की परत के दो अलग-अलग हिस्सों को सैंपल के रूप में सावधानीपूर्वक निकाला गया है। यह प्रक्रिया एसजीएसआईटीएस के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में पूरी की गई। मंदिर समिति के मुताबिक, चांदी के इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट लगभग आठ दिनों में प्राप्त होगी। रिपोर्ट आने के बाद गर्भगृह के मुख्य द्वार को चौड़ा करने का कार्य शुरू किया जाएगा।

मंदिर प्रशासन का मानना है कि द्वार की चौड़ाई बढ़ने से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सहज हो जाएगी। वर्तमान में मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ प्रबंधन और सुचारु आवागमन के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य आने वाले समय में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को व्यवस्थित रूप से संभालना है। विशेष रूप से आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन पहले से तैयारियों में जुट गया है। अनुमान है कि सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालु खजराना गणेश मंदिर पहुंचेंगे, ऐसे में मौजूदा व्यवस्थाओं में विस्तार और सुधार जरूरी हो गया है।

खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत मंदिर परिसर में कई विकास कार्य एक साथ किए जा रहे हैं। इनमें दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाना, श्रद्धालुओं के आवागमन को सरल करना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और परिसर को अधिक व्यवस्थित स्वरूप देना शामिल है। मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को कम समय में सहज, सुरक्षित और शांतिपूर्ण दर्शन उपलब्ध कराए जा सकें।

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