कटनी में 20 साल से सड़क नहीं बनवा पाए पार्षद: करोड़ों का DMF फंड, फिर भी हालत खराब; रोज गुजरते है भारी वाहन

बरही/कटनी। नगर परिषद बरही के छिदिया-हीरापुर क्षेत्र की सड़क 20 साल से खराब है। बारिश में सड़क बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ से भर जाती है।
कई जगह गड्ढों में पानी भरने से सड़क तालाब जैसी नजर आती है। इससे राहगीरों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को परेशानी होती है। गर्मी में यही सड़क धूल के गुबार में बदल जाती है।
रोज गुजरते है भारी वाहन
इस सड़क से ददरा, कनौर और जाजागढ़ की माइंस और क्रशर प्लांट से गिट्टी लेकर भारी वाहन गुजरते हैं। खनिज से मिलने वाले राजस्व का 10% हिस्सा डीएमएफ फंड में जमा होता है। क्षेत्र में हर साल करोड़ों का डीएमएफ फंड जमा होने के बावजूद सड़क का स्थायी निर्माण नहीं हो सका है।
सत्ताधारी पार्टी से होने के बाद भी नहीं बनवा पाए सड़क
सड़क की हालत को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष ने कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्माण की मांग की है। वहीं परिषद उपाध्यक्ष मोहन सिंह, पार्षद संतोष द्विवेदी, निर्माण प्रभारी पार्षद इकबाल पवार, पार्षद पति श्रवण सोनी और पार्षद हीरालाल महतेल ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है। खास बात यह है कि ये सभी सत्ताधारी पार्टी से जुड़े हैं और चार साल से नगर परिषद में उनकी ही सत्ता है। इसके बावजूद सड़क का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। अब बारिश के मौसम में फिर सड़क निर्माण की मांग उठी है।
माइंस संचालकों से कराई जाती है अस्थाई मरम्मत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क से भारी वाहनों के गुजरने के कारण माइंस और क्रशर संचालक समय-समय पर गड्ढे भरवाते हैं। प्रशासन की ओर से भी सड़क की अस्थाई मरम्मत के लिए माइंस संचालकों पर दबाव बनाया जाता है। रहवासियों का कहना है कि हर साल गड्ढे भरने के बजाय सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाना चाहिए।
2 सितंबर को आंदोलन चेतावनी
पार्षदों ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। इसमें एक हफ्ते में सड़क की समस्या का समाधान नहीं होने पर 2 सितंबर को धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है। पार्षदों का कहना है कि आंदोलन में क्षेत्र के रहवासी भी शामिल होंगे।
करोड़ों का डीएमएफ फंड कहां गया?
क्षेत्र में खनन गतिविधियों से हर साल डीएमएफ फंड में करोड़ों रुपए जमा होने की बात कही जा रही है। डीएमएफ फंड का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए किया जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब इस क्षेत्र से लगातार खनिज का परिवहन हो रहा है और राजस्व भी मिल रहा है, तो सड़क के स्थायी निर्माण के लिए इस फंड का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा?