जावेद जाफरी ने एआर रहमान के बयान पर तोड़ी चुप्पी, इंडस्ट्री के बदलते दौर का दिया समर्थन

बॉलीवुड अभिनेता जावेद जाफरी ने हाल ही में दिग्गज संगीतकार एआर रहमान के ‘सांप्रदायिक भेदभाव’ और इंडस्ट्री में अवसरों के बारे में बयान पर अपनी चुप्पी तोड़ी। जावेद इस समय अपनी आगामी फिल्म ‘मायासभा: द हॉल ऑफ इल्यूजन’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जो 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

मीडिया से बातचीत में जावेद ने कहा, “दुनिया की तरह इंडस्ट्री भी बदल रही है। डिजिटल और एआई का दौर है। फैशन, खान-पान और मूल्य बदल रहे हैं। जाहिर है, सोच का तरीका भी बदल रहा है।” उन्होंने आगे बताया कि नई पीढ़ी (जेनरेशन Z और अल्फा) का ध्यान सिर्फ 6 सेकंड तक टिकता है, और यदि इतने समय में दर्शक को बांध नहीं पाए तो वह आगे बढ़ जाता है।

व्यावसायिक दबावों पर चर्चा करते हुए जावेद ने कहा, “फिल्मों में लंबा फॉर्मेट विकल्प के रूप में उपलब्ध है, लेकिन सीमित समय और व्यवसायिक दबाव भी हैं। इंडस्ट्री में बदलाव के साथ अवसर और चुनौतियां दोनों हैं।

गौरतलब है कि एआर रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बॉलीवुड में पिछले कुछ वर्षों में काम के अवसर कम होने की बात कही थी। इस बयान पर कई सितारों ने आपत्ति जताई, लेकिन जावेद जाफरी ने बदलते दौर और परिस्थितियों का हवाला देते हुए रहमान के विचारों का समर्थन किया।

इस प्रकार, जावेद जाफरी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री के बदलते परिदृश्य और नए अवसरों को ध्यान में रखते हुए एआर रहमान के बयान का समर्थन करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है।

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