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जयशंकर बोले- भारत संघर्ष नहीं, कूटनीति का समर्थक; अमेरिका संग रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

Subrahmanyam Jaishankar ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत संघर्ष के बजाय बातचीत और कूटनीति का समर्थक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सुरक्षित समुद्री व्यापार, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान, विश्वसनीय सप्लाई चेन और वैश्विक आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देता है।

भारत-अमेरिका प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी 140 करोड़ आबादी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों से किफायती ईंधन खरीदने का पक्षधर है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत संसाधनों और बाजार हिस्सेदारी को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ है।

विदेश मंत्री ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देशों ने पश्चिम एशिया, पूर्वी एशिया तथा खाड़ी क्षेत्र की स्थिति सहित कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने जल्द अंतरिम व्यापार समझौते की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते का रास्ता खुलेगा।

जयशंकर ने कहा कि न्यूक्लियर सहयोग, दुर्लभ खनिज (रेयर मिनरल्स) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में अमेरिका से भारत के ऊर्जा आयात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए 26/11 हमले के प्रमुख साजिशकर्ता के प्रत्यर्पण में अमेरिकी सहयोग की सराहना की। इसके अलावा वैध यात्रियों के लिए वीजा प्रक्रिया को आसान बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और दोनों लोकतांत्रिक देश वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के अन्य देशों के साथ संबंध भारत के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी की कीमत पर नहीं हैं।

रुबियो ने कहा कि जे-1, एफ-1 और एच-1बी वीजा नियमों में बदलाव केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय कंपनियों के 20 अरब डॉलर से अधिक निवेश की भी सराहना की।

खाड़ी क्षेत्र और ईरान के मुद्दे पर रुबियो ने संकेत दिया कि हॉर्मूज जलडमरूमध्य को लेकर जल्द सकारात्मक खबर सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न करे।

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