ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों से खाड़ी देशों में हड़कंप, अमेरिकी सेना ने कई हमले नाकाम किए
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने स्वीकार किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों की चर्चा जारी है और लेबनान में इजराइल तथा हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हो गया है।
कुवैत और बहरीन में सुरक्षा अलर्ट
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुवैत की हवाई सुरक्षा प्रणालियां देर रात दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को रोकने में जुटी रहीं। कुवैती सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की कि देश पर मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ है तथा हवाई रक्षा प्रणाली लगातार जवाबी कार्रवाई कर रही है।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि खतरे के मद्देनजर पूरे देश में सुरक्षा सायरन बजाए गए और एहतियात के तौर पर हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। नागरिक उड़ानों को भी रोक दिया गया।
अमेरिकी सेना ने हमले नाकाम करने का किया दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि ईरान द्वारा दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया।
कमांड के अनुसार:
- कुवैत की ओर दागी गई दो मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट हो गईं।
- बहरीन की ओर भेजी गई तीन मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीनी एयर डिफेंस सिस्टम ने बीच रास्ते में मार गिराया।
- किसी भी मिसाइल को अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया गया।
अमेरिकी सेना ने यह भी बताया कि उसने आत्मरक्षा के तहत ईरान के केशम द्वीप क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की।
तेल आपूर्ति और समुद्री मार्गों पर बढ़ी चिंता
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने एक संदिग्ध तेल टैंकर को भी निष्क्रिय कर दिया, जो ईरान के खर्ग द्वीप की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल निर्यात होता है, इसलिए क्षेत्रीय अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
लेबनान में भी जारी है संघर्ष
इस बीच लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। हमलों में 48 लोग घायल हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक तेबनिन सरकारी अस्पताल को भी नुकसान पहुंचा है और अस्पताल के एक डॉक्टर सहित कई स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए हैं। लगातार हो रहे विस्फोटों से क्षेत्र में मानवीय संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
क्षेत्रीय तनाव चरम पर
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान, अमेरिका, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया को बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।
