रीजनल पार्क के तालाबों पर कब्जा, मछलियां मरने लगीं
Indore के अटल बिहारी वाजपेयी रीजनल पार्क के आसपास तालाबों पर अतिक्रमण और जल संकट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा खेतों और तालाब किनारे कब्जे के आरोप लग रहे हैं, जबकि गहरीकरण नहीं होने से तालाबों में काई जम गई है और मछलियों के मरने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
राऊ विधायक मधु वर्मा ने कहा कि जब वे आईडीए अध्यक्ष थे, तब रीजनल पार्क का निर्माण कराया गया था और तालाबों की सुरक्षा के लिए घेराबंदी भी कराई गई थी, लेकिन अब क्षेत्र में अतिक्रमण तेजी से बढ़ गया है। उन्होंने बिलावली तालाब सहित अन्य जल स्रोतों पर भी कब्जे की बात कही और प्रशासन से ध्यान देने की मांग की।
मधु वर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष कम बारिश होने के कारण बिलावली, लिमोदी, छोटी बिलावली और मुंडी तालाब पर्याप्त नहीं भर पाए, जिससे शहर के कई बोरिंग भी सूख गए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी बारिश में इन तालाबों को भरने के प्रयास किए जाएंगे और पुराने जल स्रोतों को बचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विधायक ने नर्मदा चौथा चरण परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि करीब दो वर्षों बाद शहर को 400 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा। इसके लिए 33-34 पानी की टंकियों के टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब तक नई व्यवस्था पूरी नहीं होती, तब तक पुराने तालाबों को बचाना बेहद जरूरी है।
इधर, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत तालाबों के गहरीकरण और कैचमेंट चैनलों की सफाई का काम किया जा रहा है। लिमोदी और सिरपुर तालाब में कार्य शुरू हो चुका है तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी जारी है।
फिलहाल रीजनल पार्क के पास तालाबों में काई की मोटी परत और पानी की कमी के चलते मछलियों के मरने की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने तालाबों के संरक्षण, गहरीकरण और अतिक्रमण हटाने की मांग की है।






