इंदौर: सड़क हादसे में घायल की जान बचाने वाले ऑटो चालक नीलेश सम्मानित, ‘राहगीर योजना’ के तहत मिला पुरस्कार
इंदौर में सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले ऑटो चालक नीलेश को जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा सम्मानित किया गया। ‘राहगीर योजना’ के तहत नीलेश को प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन ने उनके इस कार्य को उत्कृष्ट नागरिकता का उदाहरण बताया।
सम्मानित होने के बाद मीडिया से चर्चा में नीलेश ने बताया कि वह रात करीब 12:30 बजे ऑटो चलाकर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक व्यक्ति सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा मिला। उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी और चालक मौके से फरार हो गया था। नीलेश ने बिना देर किए घायल को अपने ऑटो में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया और रातभर वहीं रुककर इलाज भी करवाया।
नीलेश के अनुसार, सुबह घायल के होश में आने के बाद उसके परिजनों को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों का पूरा सहयोग मिला और इलाज के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। घायल ने होश आने पर बताया कि उसे किसी वाहन ने टक्कर मारी थी।
Shivam Verma ने कहा कि सड़क दुर्घटना में ‘गोल्डन ऑवर’ यानी शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाए तो कई बार उसकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि नीलेश ने ‘राहगीर योजना’ के तहत उत्कृष्ट नागरिकता का परिचय दिया है और उनके कार्य से सभी इंदौरवासियों को प्रेरणा लेनी चाहिए।
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके सामने कोई सड़क दुर्घटना होती है, तो घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि समय पर मदद मिलने से सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं और कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
नीलेश ने भी लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क हादसे देखने पर लोग मदद के लिए आगे आएं और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाना उनके लिए गर्व की बात है।
गौरतलब है कि सड़क परिवहन मंत्रालय की ‘राहगीर योजना’ के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले नागरिक को 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करना है।




