देश में गेहूं उत्पादन मजबूत, 3.34 करोड़ हेक्टेयर बुवाई के बाद बेहतर पैदावार

नई दिल्ली। देश में इस वर्ष गेहूं की बुवाई लगभग 3.34 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में होने के बाद उत्पादन का स्तर मजबूत बना हुआ है। Ministry of Agriculture and Farmers Welfare के अनुसार बेहतर कृषि प्रबंधन और उन्नत किस्मों के उपयोग से मौसम की चुनौतियों के बावजूद समग्र उत्पादन संतोषजनक रहा है।
मंत्रालय के अनुसार फरवरी में असामान्य गर्मी के कारण फसल पर हीट स्ट्रेस का असर पड़ा, जिससे दानों के भराव की प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में असमय बारिश और ओलावृष्टि से स्थानीय स्तर पर नुकसान की आशंका भी रही।
इसके बावजूद सकारात्मक कारकों ने उत्पादन को संतुलित बनाए रखा। समय पर बुवाई, खेती के रकबे में वृद्धि, जलवायु सहनशील उन्नत किस्मों का उपयोग और कीट-रोगों का कम प्रकोप इसके प्रमुख कारण रहे हैं।
राज्यों के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 56.13 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है। वहीं मध्य प्रदेश में बेहतर उत्पादन के अनुमान के चलते खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन किया गया है। महाराष्ट्र में भी लगभग 22.90 लाख टन उत्पादन का अनुमान है।
मंत्रालय का कहना है कि कुछ स्थानों पर मौसम के प्रतिकूल प्रभाव के बावजूद देश में गेहूं उत्पादन की समग्र स्थिति मजबूत और संतोषजनक बनी हुई है, जो खाद्य सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।






