इतिहास के पन्नों में 19 फरवरी: हिंदवी स्वराज के प्रणेता छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती

19 फरवरी का इतिहास भारतीय गौरव और स्वाभिमान की याद दिलाता है। इसी दिन वर्ष 1630 में महाराष्ट्र के जुन्नेर स्थित शिवनेरी किला में छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। वे मराठा साम्राज्य के संस्थापक और “हिंदवी स्वराज” के प्रणेता माने जाते हैं।
👑 स्वराज की परिकल्पना और संघर्ष
छत्रपति शिवाजी महाराज ने बचपन से ही स्वतंत्र शासन की कल्पना की थी। उनकी माता जिजाबाई ने उनमें राष्ट्रभक्ति और धर्मनिष्ठा के संस्कार डाले, जबकि गुरु दादोजी कोंडदेव ने युद्धकला और प्रशासन का प्रशिक्षण दिया।
शिवाजी महाराज ने गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर विशाल मुगल और बीजापुर की सेनाओं को चुनौती दी। बीजापुर के सेनापति अफजल खान पर विजय और मुगल सम्राट औरंगज़ेब से संघर्ष उनके साहस का प्रतीक है।
1674 में रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक मराठा शक्ति के उदय का ऐतिहासिक क्षण बना।
📜 19 फरवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं
1719 – मुगल शासक फर्रुख सियर की हत्या।
1915 – स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले का निधन।
1942 – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डार्विन (ऑस्ट्रेलिया) पर जापानी हमला।
1986 – भारत में पहली बार कम्प्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण प्रणाली की शुरुआत।
2007 – समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट से 68 लोगों की मृत्यु।
2008 – फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया।
🎂 19 फरवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्तित्व
1473 – निकोलस कॉपरनिकस, खगोलशास्त्री।
1630 – छत्रपति शिवाजी महाराज।
1900 – बलवंतराय मेहता।
1925 – राम वी. सुतार।
🕯️ 19 फरवरी को हुए प्रमुख निधन
1915 – गोपाल कृष्ण गोखले।
1956 – नरेन्द्र देव।
2017 – अल्तमस कबीर।
2019 – नामवर सिंह।
19 फरवरी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि स्वाभिमान, नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा का प्रतीक है। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हमें याद दिलाती है कि संगठित प्रयास, दूरदर्शिता और साहस से इतिहास की धारा बदली जा सकती है।






