देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती

देशभर में आज सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इस पर्व को गुरु परब या गुरुपुरब के नाम से भी जाना जाता है। यह उत्सव हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जो आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर महीने में आता है।
गुरु नानक देव जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था। उनके विचार आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। गुरु नानक देव जी ने सिख धर्म की स्थापना की और ‘एक ओंकार’ का सिद्धांत दिया, जो ईश्वर की एकता और सर्वव्यापकता को दर्शाता है।
इस अवसर पर देशभर के गुरुद्वारों में कीर्तन, लंगर और प्रभात फेरी का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ में शामिल होकर प्रार्थना कर रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरु नानक जयंती की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी का जीवन और शिक्षाएँ हमें सत्य, न्याय और सहानुभूति के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। राष्ट्रपति ने सभी से गुरु नानक जी के आदर्शों को अपनाने और एक शांतिपूर्ण एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ आज भी समय की सीमाओं को लांघकर समाज में सद्भाव, एकता और मानवता का संदेश देती हैं।






