2.86 करोड़ की सड़क बनी भ्रष्टाचार की मिसाल, गाछपाड़ा-नूनिया टोली मार्ग बदहाल

बिहार के किशनगंज जिले में 2 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से बनी गाछपाड़ा-नूनिया टोली सड़क भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बनती नजर आ रही है। करीब 2.700 किलोमीटर लंबी यह सड़क निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद पूरी तरह बदहाल हो गई है। सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं, डामर गायब हो चुका है और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं।

जानकारी के अनुसार इस सड़क का निर्माण मार्च 2021 में पूरा हुआ था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ठेकेदार अंजार आलम को दी गई थी। योजना के तहत दावा किया गया था कि सड़क कम से कम पांच वर्षों तक बेहतर स्थिति में रहेगी और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित ठेकेदार की होगी। मेंटेनेंस के लिए लगभग 22.78 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण कुछ ही समय में सड़क की परत उखड़ने लगी। भारी वाहनों के आवागमन से सड़क जगह-जगह धंस गई और बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई। शिकायतों के बाद एक बार मरम्मत कार्य कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के किशनगंज दौरे से पहले सड़क की जल्दबाजी में मरम्मत कर बदहाल स्थिति को छिपाने की कोशिश की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, ऐसे में निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुसार होना चाहिए था। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और खतरनाक हो जाती है। गहरे गड्ढों में पानी भरने से हादसों का खतरा बढ़ गया है और आए दिन बाइक सवार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। वहीं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता विद्यानंद प्रसाद ने कहा है कि सड़क को पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया गया है और जल्द ही मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

Share

Similar Posts