मार्च में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली: तीन हफ्तों में ₹88,180 करोड़ की निकासी

भारतीय शेयर बाजार में मार्च महीने के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार बिकवाल बने हुए हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते विदेशी निवेशकों ने तीन सप्ताह में ही ₹88,180 करोड़ की बड़ी निकासी कर दी है।

📉 लगातार बिकवाली का दबाव

आंकड़ों के अनुसार:

  • मार्च के पहले तीन सप्ताह में ₹88,180 करोड़ की बिकवाली
  • 2026 में अब तक कुल निकासी ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा

इससे बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है।

📊 जनवरी-फरवरी का ट्रेंड

विदेशी निवेशकों का रुख इस साल उतार-चढ़ाव भरा रहा:

  • जनवरी 2026: ₹35,962 करोड़ की निकासी
  • फरवरी 2026: ₹22,615 करोड़ की खरीदारी
  • मार्च 2026: फिर से भारी बिकवाली

🏦 DII ने संभाला बाजार

विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा दिया:

  • मार्च के पहले तीन सप्ताह में ₹1,01,168 करोड़ की खरीदारी

इसी वजह से बाजार में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली।

🌍 बिकवाली की मुख्य वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार, FPI की बिकवाली के पीछे कई बड़े कारण हैं:

  • ⚔️ पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव
  • 🛢️ कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल पार
  • 💵 डॉलर इंडेक्स में मजबूती
  • 📉 रुपये में कमजोरी
  • 📈 अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि

इन कारणों से निवेशक डॉलर आधारित एसेट्स की ओर झुकाव बढ़ा रहे हैं।

📢 एक्सपर्ट की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और तेल कीमतों में उछाल भारत की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है, इसलिए विदेशी निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

Share

Similar Posts