ऊर्जा सुरक्षा पर जोर: केंद्र-राज्य मिलकर करें काम, बोले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल

केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने वैश्विक तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा को भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया है।
बिजली क्षेत्र देश के विकास का आधार
नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित भारत बिजली शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली देश के आर्थिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ है।
उन्होंने बताया कि:
भारत की बिजली उत्पादन क्षमता 520 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है
डिस्कॉम का प्रदर्शन बेहतर हुआ है
स्मार्ट मीटरिंग और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हुआ है
केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
मंत्री ने कहा कि बिजली के:
उत्पादन
पारेषण
वितरण
इन तीनों क्षेत्रों में सुधार के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा, ताकि बिजली सस्ती और कुशल तरीके से उपलब्ध हो सके।
नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा पर फोकस
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उन्होंने:
नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने
प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने
परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ विकल्प के रूप में अपनाने
पर जोर दिया।
राज्यों को केंद्र का पूरा समर्थन
मंत्री ने राज्यों को आश्वस्त किया कि सुधारों को लागू करने में केंद्र सरकार हर संभव कानूनी और प्रशासनिक सहायता प्रदान करेगी।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता श्रीपाद नाइक ने की, जिसमें कई राज्यों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
जारी हुई महत्वपूर्ण रिपोर्ट
सम्मेलन के दौरान:
डिस्कॉम उपभोक्ता सेवा रेटिंग (CSRD)
वितरण उपयोगिता रैंकिंग (DUR)
की रिपोर्ट भी जारी की गई, जो बिजली वितरण कंपनियों के प्रदर्शन का आकलन करती है।
👉 कुल मिलाकर, भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्थिरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके लिए केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत सहयोग बेहद जरूरी माना जा रहा है।






