ईडी ने 658 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी आईटीसी मामले में कई राज्यों में छापेमारी की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में शुरू हुए 658 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) मामले में कई राज्यों में छापेमारी की।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईडी ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और मणिपुर सहित विभिन्न राज्यों में जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों के परिसरों में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत तलाशी ली।
अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर स्थित ईडी कार्यालय ने राज्य पुलिस बलों के समन्वय से इस अभियान का संचालन किया। इस मामले में आरोप है कि राकेश शर्मा और आशुतोष कुमार झा ने बिना किसी वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी रसीद के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया।
जांच में यह सामने आया कि ‘सिद्धि विनायक ट्रेड मर्चेंट्स’ नाम की फर्जी कंपनी ने 658.55 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल के आधार पर 99.31 करोड़ रुपये का आईटीसी लिया। इसके अलावा, 58 अन्य फर्जी कंपनियां भी ईडी की जांच के दायरे में हैं।
आईटीसी (Input Tax Credit) वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली में एक कानूनी प्रावधान है, जो व्यावसायिक संस्थाओं को व्यवसाय से संबंधित खरीद पर भुगतान किए गए जीएसटी पर क्रेडिट का दावा करके अपनी कर देनदारी कम करने की अनुमति देता है। ईडी इस मामले में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के तत्वों की जांच कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के फर्जी आईटीसी मामले न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि व्यवसायिक पारदर्शिता और कर प्रणाली की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करते हैं।






