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Indian National Congress ने संसद के विशेष सत्र को बताया एकतरफा, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

Indian National Congress ने 16 से 18 अप्रैल तक बुलाए गए संसद के विशेष सत्र को एकतरफा निर्णय करार देते हुए केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार द्वारा पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के साथ किया गया पत्राचार केवल औपचारिकता भर था, जबकि विशेष सत्र बुलाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने 16 मार्च को खरगे को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन को लेकर चर्चा की इच्छा जताई थी। इसके जवाब में खरगे ने सर्वदलीय बैठक बुलाने और लिखित प्रस्ताव देने की मांग की थी।

कांग्रेस के अनुसार, 24 मार्च को विपक्षी दलों ने चुनावी आचार संहिता का हवाला देते हुए 29 अप्रैल के बाद बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज करते हुए 16-18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाने का फैसला कर लिया।

Jairam Ramesh ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस दौरान परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर कभी चर्चा नहीं की, जबकि अब संकेत मिल रहे हैं कि विशेष सत्र में इस पर भी विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह सत्र केवल ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संविधान संशोधन और परिसीमन जैसे अहम विषय भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

गौरतलब है कि West Bengal में 23 और 29 अप्रैल तथा Tamil Nadu में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनावी माहौल के बीच विशेष सत्र बुलाने को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।

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