प्रीमियम लिस्टिंग के बाद ऑटोफर्निश पर लगा ब्रेक, शेयर में लोअर सर्किट से निवेशकों को झटका
ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एसेसरीज बनाने वाली कंपनी ऑटोफर्निश के शेयरों ने शुक्रवार को स्टॉक मार्केट में प्रीमियम लिस्टिंग के साथ निवेशकों को शुरुआती खुशी दी, लेकिन यह ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद बिकवाली बढ़ने से कंपनी के शेयर में लोअर सर्किट लग गया और निवेशकों को पहले ही दिन नुकसान का सामना करना पड़ा।
आईपीओ के तहत कंपनी ने अपने शेयर ₹41 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे। शेयर की लिस्टिंग बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर 5 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹43 पर हुई। हालांकि, शुरुआती मुनाफावसूली के कारण शेयर टूटकर ₹40.85 के लोअर सर्किट स्तर तक पहुंच गया। यानी प्रीमियम लिस्टिंग के बावजूद निवेशकों का फायदा टिक नहीं पाया।
IPO को मिला था फीका रिस्पॉन्स
ऑटोफर्निश का ₹14.60 करोड़ का आईपीओ 21 से 25 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। निवेशकों की ओर से इसे सीमित प्रतिक्रिया मिली और यह कुल 1.21 गुना सब्सक्राइब हुआ।
- नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी: 1.17 गुना सब्सक्रिप्शन
- रिटेल इन्वेस्टर्स कैटेगरी: 1.17 गुना सब्सक्रिप्शन
आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 35.61 लाख नए शेयर जारी किए गए थे। कंपनी जुटाई गई राशि का इस्तेमाल नई मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत
कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा दस्तावेजों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में ऑटोफर्निश की वित्तीय स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है।
शुद्ध लाभ (Net Profit):
- FY23: ₹16 लाख
- FY24: ₹1.63 करोड़
- FY25: ₹3.50 करोड़
- FY26 (दिसंबर 2025 तक): ₹2.83 करोड़
राजस्व (Revenue):
- FY23: ₹10.60 करोड़
- FY24: ₹15.92 करोड़
- FY25: ₹33.88 करोड़
- FY26 (दिसंबर 2025 तक): ₹28.32 करोड़
नेटवर्थ (Net Worth):
- FY23: ₹7.50 करोड़
- FY24: ₹9.07 करोड़
- FY25: ₹14.71 करोड़
- FY26 (दिसंबर 2025 तक): ₹17.57 करोड़
इसके अलावा कंपनी का EBITDA भी लगातार मजबूत हुआ है, जो FY23 के ₹85 लाख से बढ़कर FY25 में ₹5.11 करोड़ तक पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एसएमई शेयरों में लिस्टिंग के बाद तेज मुनाफावसूली आम बात है। हालांकि कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए निवेशकों की नजर आगे इसकी कारोबारी ग्रोथ और शेयर की स्थिरता पर बनी रहेगी।






