एशियाई खेल 2026 की तैयारियों की समीक्षा: खेल मंत्री मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों को हर संभव समर्थन का भरोसा दिया

एशियाई खेल 2026 की तैयारियों को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने गुरुवार को Sports Authority of India (साई) मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर भारत की तैयारियों की समीक्षा की।
एशियाई खेल 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक Aichi–Nagoya, Japan में होगा। अनुमान है कि भारत के 700 से अधिक खिलाड़ी 40 से ज्यादा खेलों में हिस्सा लेंगे।
बैठक में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, साई और अन्य संबंधित संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, लॉजिस्टिक्स, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
समिति कर रही तैयारियों की निगरानी
एशियाई खेल 2026 की तैयारियों की निगरानी के लिए गठित 15 सदस्यीय समिति में खेल मंत्रालय के सचिव Hari Ranjan Rao, Indian Olympic Association की अध्यक्ष P. T. Usha, एशियाई खेलों के शेफ डी मिशन Sahdev Yadav और उप शेफ डी मिशन Sharath Kamal सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
यह समिति दिसंबर 2025 से अब तक चार बैठकें कर चुकी है और प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, खिलाड़ी कल्याण तथा प्रतियोगिता से जुड़ी रणनीतियों पर लगातार काम कर रही है।
बैठक में खेल मंत्री मांडविया ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और उन्हें हर संभव सुविधा दी जाएगी ताकि वे एशियाई खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
तकनीकी तैयारी और खिलाड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था
तैयारियों के तहत प्रत्येक राष्ट्रीय खेल महासंघ में एजी तकनीकी हैंडबुक के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ को खेल से जुड़े तकनीकी नियमों की जानकारी देगा।
टीमों को समय से पहले अंतिम रूप देने की योजना है ताकि खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही चिकित्सा टीमों और सपोर्ट स्टाफ की क्षमता बढ़ाने के लिए भी विशेष योजना बनाई जा रही है।
विदेशों में लॉजिस्टिक्स सुविधा के लिए भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि खेल महासंघों को एक्सपोजर टूर और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की योजना बनाने की स्वतंत्रता भी दी गई है।
हांगझोउ के रिकॉर्ड को पार करने का लक्ष्य
भारत का लक्ष्य 2022 Asian Games (हांगझोउ) में हासिल किए गए 106 पदकों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पार करना है। इसके लिए खिलाड़ियों की तैयारी, खेल विज्ञान और प्रदर्शन विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पांच क्लस्टर मॉडल में होगा आयोजन
बैठक में बताया गया कि ऐची-नागोया एशियाई खेलों का आयोजन पांच क्लस्टर मॉडल में होगा। प्रमुख क्लस्टर में Aichi, Gifu, Shizuoka और एयरपोर्ट-एक्सपो क्षेत्र शामिल हैं।
इस मॉडल के तहत खिलाड़ी एक ही ओलंपिक विलेज में नहीं रहेंगे, बल्कि अलग-अलग प्रांतों में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। इसे देखते हुए यात्रा, लॉजिस्टिक्स, चिकित्सा सहायता और खिलाड़ियों की रिकवरी के लिए विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।
कंटेनर शैली के आवास के लिए अभ्यास
खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान मिलने वाली कंटेनर शैली की आवास व्यवस्था से परिचित कराने के लिए Patiala और Bengaluru स्थित साई क्षेत्रीय केंद्रों में अस्थायी कंटेनर यूनिट स्थापित की जाएंगी। इससे खिलाड़ी पहले से ही इस व्यवस्था के अनुरूप ढल सकेंगे।
आईओए प्रतिनिधिमंडल ने किया था स्थल निरीक्षण
जनवरी में Indian Olympic Association के प्रतिनिधिमंडल ने जापान में प्रतियोगिता स्थलों, खिलाड़ियों की सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स ढांचे का निरीक्षण किया था। उसके आधार पर प्रत्येक क्लस्टर के लिए अलग-अलग लॉजिस्टिक्स अधिकारी, चिकित्सा टीम और सपोर्ट स्टाफ नियुक्त किए जा रहे हैं।
खिलाड़ियों के लिए भोजन और चिकित्सा सुविधा पर जोर
बैठक में खिलाड़ियों के लिए भारतीय भोजन की उपलब्धता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति, आधिकारिक किट समय से उपलब्ध कराने और खेल-वार प्रदर्शन समीक्षा पर भी चर्चा की गई।
एशियाई खेलों की तैयारियों की अगली समीक्षा बैठक 20 मार्च को आयोजित होगी, जिसमें भारतीय दल के आकार, यात्रा व्यवस्था और लॉजिस्टिक्स से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।






