राष्ट्रपति के बंगाल दौरे पर विवाद: अन्नपूर्णा देवी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार की कड़ी आलोचना की है।
रविवार को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित शक्ति वॉक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राष्ट्रपति के साथ पश्चिम बंगाल में हुआ व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश की संवैधानिक प्रमुख होती हैं और उनके दौरे के दौरान राज्य सरकार के किसी मंत्री या मुख्यमंत्री की मौजूदगी न होना राज्य सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
‘राष्ट्रपति किसी पार्टी से नहीं जुड़ी होतीं’
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राष्ट्रपति किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं होतीं, बल्कि वह पूरे देश की संवैधानिक प्रमुख होती हैं। इसलिए उन्हें कहीं भी जाने के लिए किसी की अनुमति या सलाह की जरूरत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से दिए जा रहे बयान उचित नहीं हैं और यह घटना देश के लिए शर्मनाक है।
राज्य सरकार से माफी की मांग
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पद की गरिमा और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि इस घटना से देश की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं और पश्चिम बंगाल सरकार को इस अमर्यादित व्यवहार के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।






