घरेलू सौर विनिर्माण को बढ़ावा: ALMM ढांचे का विस्तार, 2028 से लागू होगा नया नियम

घरेलू सौर विनिर्माण (Solar Manufacturing India) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने अनुमोदित मॉडल और निर्माता सूची (ALMM Framework) का विस्तार करने का बड़ा फैसला लिया है। यह नया प्रावधान 1 जून 2028 से प्रभावी होगा।
☀️ इंगोट्स और वेफर्स को भी मिलेगा शामिल
सरकार ने सौर आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत बनाने के लिए अब सौर इंगोट्स और वेफर्स को भी ALMM ढांचे में शामिल किया है। इसके तहत ALMM सूची-3 लागू की जाएगी, जिससे उत्पादन का दायरा और विस्तृत होगा।
🏭 घरेलू उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह फैसला भारत के सौर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक निर्णायक कदम है।
इससे:
📈 घरेलू उत्पादन बढ़ेगा
🔗 आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी
📉 आयात पर निर्भरता घटेगी
✅ गुणवत्ता मानकों में सुधार होगा
🌍 वैश्विक सौर हब बनने की दिशा में कदम
सरकार का उद्देश्य भारत को ग्लोबल सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब (Global Solar Hub) बनाना है। ALMM विस्तार से देश की स्थिति वैश्विक सौर मूल्य श्रृंखला (Solar Value Chain) में और मजबूत होगी।
⚙️ पहले से लागू नियमों का विस्तार
मंत्रालय के अनुसार, मॉड्यूल और सेल के लिए पहले से लागू ALMM नियमों को अब एक कदम आगे बढ़ाते हुए इंगोट्स और वेफर्स तक विस्तारित किया गया है, जो अभी तक बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर थे।
साथ ही, पहले से चल रही परियोजनाओं को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं।
📊 सौर उत्पादन में तेज वृद्धि
ALMM लागू होने के बाद भारत में सौर उत्पादन क्षमता में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है:
⚡ ALMM सूची-I (मॉड्यूल):
2021 में 8.2 GW → अब करीब 172 GW🔋 ALMM सूची-II (सेल):
7 महीनों में ही 27 GW तक पहुंच
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि ALMM नीति ने घरेलू निवेश और उत्पादन को तेजी से बढ़ावा दिया है।






