AI से नौकरियों को बड़ा खतरा नहीं: सुंदर पिचई बोले- नई संभावनाएं खुलेंगी, साइबर सिक्योरिटी में बढ़ी डिमांड

Sundar Pichai ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नौकरियों को उतना गंभीर खतरा नहीं है, जितना आशंका जताई जा रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स के टेक्नोलॉजी पॉडकास्ट ‘हार्ड फोर्क’ में बातचीत के दौरान पिचई ने कहा कि AI तेजी से दुनिया बदल रहा है, इसलिए लोगों का चिंतित होना स्वाभाविक है, लेकिन यह तकनीक नई संभावनाएं भी पैदा करेगी।

पिचई के अनुसार, हर तकनीकी बदलाव की तरह AI भी काम करने के तरीकों को बदलेगा, लेकिन यह लोगों की क्षमताओं को बढ़ाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि जैसे स्प्रेडशीट आने के बाद कार्यप्रणाली बदली थी, उसी तरह AI भी नई शुरुआत का अवसर देगा। उनका मानना है कि आने वाले समय में पहले से ज्यादा लोग कोडिंग कर सकेंगे और तकनीकी क्षेत्र में नई भूमिकाएं सामने आएंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि AI का असर केवल तकनीकी नौकरियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आएगा। डॉक्टरों का काफी समय कागजी प्रक्रियाओं में खर्च होता है, जिसे AI कम कर सकता है। इससे डॉक्टर मरीजों को अधिक समय दे पाएंगे।

इस बीच AI के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। जॉब प्लेटफॉर्म्स के आंकड़ों के अनुसार, इस साल की पहली तिमाही में साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी नौकरियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI आधारित कोडिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से सिस्टम में सुरक्षा खामियों और साइबर खतरों का जोखिम भी बढ़ा है, जिससे साइबर सुरक्षा पेशेवरों की जरूरत पहले से ज्यादा हो गई है।

Google के अधिकारियों का कहना है कि AI इंजीनियर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की मांग लगातार बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर भी जारी है। कई बड़ी कंपनियों ने हाल के महीनों में हजारों कर्मचारियों की कटौती की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि AI के साथ नई तरह की नौकरियां भी तेजी से उभर रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन पैकेज में भी भारी उछाल देखा जा रहा है और कुछ मामलों में यह करोड़ों रुपये तक पहुंच गया है, जिससे यह सेक्टर युवाओं के लिए आकर्षक करियर विकल्प बनता जा रहा है।

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