नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का सहारा बनी जनसुनवाई, सवा 200 से अधिक मामलों का समाधान

इंदौर में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में हुई जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याएँ प्रस्तुत कीं। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने सभी आवेदकों की बात धैर्यपूर्वक और संवेदनशीलता के साथ सुनी तथा अधिकांश मामलों का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया।
आज की जनसुनवाई में लगभग सवा 200 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से बड़ी संख्या में प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। जिन मामलों में तत्काल निर्णय संभव नहीं था, उन्हें तय समयसीमा में समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि लंबित प्रकरणों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी ताकि कोई भी समस्या बिना समाधान के न रहे। यह जनसुनवाई व्यवस्था शहर में त्वरित प्रशासनिक सहायता का प्रमुख साधन बन रही है।
जनसुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण शिकायतें रखी गईं। इंदौर लोहा मंडी व्यापारी परमार्थिक ट्रस्ट द्वारा संचालित हायर सेकंडरी स्कूल के संचालकों ने भवन के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा शुक्ला के पुत्र ने ग्रेच्युटी एवं समयमान वेतन लंबित होने का मामला उठाया, जिस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को 7 दिनों में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सामाजिक-सहायता से जुड़े मामलों में भी त्वरित कदम उठाए गए। छोटा बागड़दा निवासी महिला को जीविकोपार्जन हेतु रेडक्रॉस से 25 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत कराने को कहा गया। वहीं सुख शांति नगर की वृद्धा कस्तूरीबाई ने मकान पर पौत्र–पौत्रियों द्वारा अवैध कब्जे एवं इलाज के लिए पैसे न देने की शिकायत की, जिसके समाधान हेतु प्रकरण मध्यस्थता केंद्र भेजा गया। इसके अलावा एक अन्य महिला को 15 हजार रुपये की तत्कालिक सहायता प्रदान की गई तथा खत्री खेड़ी गांव के एक बालक के किडनी उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पवार, श्री रिंकेश वैश्य सहित कई अधिकारी मौजूद रहे और नागरिकों की समस्याओं को मिलकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया। लगातार हो रही जनसुनवाई से प्रशासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास मजबूत हुआ है।






