कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘वीविंग इंडिया टुगेदर’ सम्मेलन में पूर्वोत्तर के बुनकरों और शिल्पियों से किया संवाद

कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में आयोजित “वीविंग इंडिया टुगेदर” राष्ट्रीय सम्मेलन में पूर्वोत्तर भारत के बुनकरों और शिल्पियों के साथ संवाद किया।
इस अवसर पर श्री चौहान ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध शिल्प परंपरा, हस्तकला और बुनाई कौशल देश की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने बुनकरों और शिल्पियों की मेहनत, रचनात्मकता और परंपरागत तकनीकों को संरक्षित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
सम्मेलन के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र के कारीगरों को अपने अनुभव, चुनौतियाँ और आकांक्षाएँ साझा करने का अवसर मिला। आयोजन में ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न के अनुरूप ग्रामीण शिल्प उद्योग के समावेशी विकास पर ज़ोर दिया गया।
श्री चौहान ने कहा कि सरकार बुनकरों और कारीगरों के लिए बेहतर बाज़ार पहुँच, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक शिल्पकला को आधुनिक मांगों के अनुरूप ढालने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिलेगी।






