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₹2,000 तक UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई चार्ज: सरकार ने साफ किया नियम; बड़े कारोबारी पेमेंट पर आगे बन सकते हैं नए नियम

नई दिल्ली। UPI पेमेंट पर चार्ज लगने की चर्चा के बीच सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई सीधा या छिपा हुआ चार्ज नहीं लगा सकते। रुपे डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस नियम में शामिल किया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर फीस लगने की बातें सामने आ रही थीं। सरकार ने फिलहाल साफ किया है कि ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर भी अभी कोई नई फीस लागू नहीं हुई है।

₹2,000 की लिमिट का मतलब क्या है?
₹2,000 UPI से पैसे भेजने की अधिकतम सीमा नहीं है। इससे ज्यादा रकम भी UPI के जरिए भेजी जा सकती है। यह सीमा सिर्फ उस पेमेंट पर लागू है, जिस पर फिलहाल फीस नहीं लगाई जा सकती। यानी ₹2,500, ₹5,000 या ₹10,000 का UPI पेमेंट करना अभी भी संभव है।

क्या ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर अभी चार्ज लगेगा?
नहीं। फिलहाल ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर कोई नई फीस शुरू नहीं हुई है। अगर भविष्य में ऐसे पेमेंट पर चार्ज लगाना है, तो सरकार को इसके लिए अलग नियम और दर तय करनी होगी।

बड़े पेमेंट पर क्यों हो रही है चर्चा?
इसकी मुख्य वजह कारोबारी पेमेंट हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानदारों को किए गए UPI पेमेंट में ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 4% थी। हालांकि इन ट्रांजैक्शन में कुल पेमेंट की रकम करीब दो-तिहाई थी। यानी संख्या कम होने के बावजूद बड़े पेमेंट में काफी ज्यादा पैसा शामिल है।

दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?
नहीं। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले UPI पेमेंट यानी P2P ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे। इसका मतलब है कि किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को ₹5,000 या ₹10,000 भेजने पर फिलहाल फीस की बात नहीं है।

फिर किस पेमेंट पर लग सकता है चार्ज?
चर्चा मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट को लेकर है। यानी जब कोई व्यक्ति दुकान, कारोबारी या सर्विस देने वाले को UPI से बड़ी रकम देता है। ऐसे कुछ बड़े मर्चेंट पेमेंट पर भविष्य में MDR यानी Merchant Discount Rate लागू किया जा सकता है।

MDR क्या होता है?
MDR डिजिटल पेमेंट लेने की सुविधा के बदले दुकानदार या कारोबारी से लिया जाने वाला शुल्क है। यह व्यवस्था कार्ड से होने वाले पेमेंट में पहले से मौजूद है। हालांकि UPI के लिए अगर MDR लागू होता है, तो इसकी दर अभी तय नहीं हुई है।

क्या ग्राहक से भी पैसे लिए जाएंगे?
फिलहाल ऐसा कोई नियम लागू नहीं है। MDR की चर्चा मुख्य रूप से दुकानदार या कारोबारी से जुड़े शुल्क के तौर पर हो रही है। ग्राहक से सीधे कोई चार्ज लिया जाएगा या नहीं, यह आगे बनने वाले नियमों से स्पष्ट होगा।

सरकार ने कानून में बदलाव क्यों किया?
सरकार के अनुसार UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित रखने, साइबर फ्रॉड से बचाव, तकनीक को बेहतर बनाने और सिस्टम को मजबूत रखने में खर्च होता है। कानून में किया गया बदलाव इसी तरह की लंबी अवधि की जरूरत से जुड़ा बताया गया है।

अभी आम यूजर को क्या याद रखना चाहिए?

  • ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर फीस नहीं लग सकती।
  • ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर अभी कोई नई फीस लागू नहीं है।
  • दोस्तों और परिवार को भेजे जाने वाले P2P पेमेंट मुफ्त रहेंगे।
  • बड़े मर्चेंट पेमेंट पर भविष्य में MDR लागू करने के नियम बन सकते हैं।
  • MDR की सीमा और दर अभी तय नहीं हुई है।

भारत में UPI का नेटवर्क कितना बड़ा है?
जुलाई 2026 तक देश के 741 बैंक UPI से जुड़े थे। इसी महीने करीब 2,366 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए। इनकी कुल रकम करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही। वित्त वर्ष 2025-26 में देश के कुल डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% थी।

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