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रीवा में दिग्विजय सिंह बोले- हॉस्पिटल में मौत व्यापमं भर्ती का नतीजा: इस्तीफा तो देना होगा

रीवा। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जयस्तंभ चौराहे पर आयोजित धरने में शामिल हुए। यह धरना संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के विरोध में आयोजित किया गया है। वहीं, कल्पना मिश्रा के पिता सिरमौर चौराहे पर अलग से धरना दे रहे हैं।

धरने को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य मंत्री को इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जाए तो किसे माना जाए?” दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और स्वास्थ्य मंत्री अपने ही गृह जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने में नाकाम रहे हैं।

दिग्विजय बोले- जिंदा आदमी का पोस्टमार्टम हो रहा
दिग्विजय सिंह ने कहा कि रीवा के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल में कभी जिंदा व्यक्ति का पोस्टमार्टम हो रहा है। तो कभी प्रसूता और नवजात की जान चली जाती है। उन्होंने कहा, “कहीं ये व्यापमं से हुई भर्तियों का नतीजा तो नहीं है?” साथ ही बोले कि इन भर्तियों की वजह से इस तरह की गंभीर गलतियां सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की असफलता के कारण प्रदेशभर में अनेक बच्चों की मौत हो रही है। हमारी मांग है कि स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें। कांग्रेस किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अपनी लड़ाई नहीं लड़ रही है, बल्कि जनता की लड़ाई लड़ रही है।

नर्सिंग भर्तियों को लेकर भी सरकार को घेरा
दिग्विजय सिंह ने नर्सिंग भर्तियों को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। इस दौरान प्रदेश में जिस तरह नर्सिंग भर्तियां हुईं और लगातार नर्सिंग घोटाले सामने आए, उसी का नतीजा है कि इस तरह के डॉक्टर और नर्स निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी।

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