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इंदौर के सभी हॉस्टलों का होगा इन्स्पेक्शन: स्टूडेंट्स के गार्जियन बनकर समस्याएं जानेंगे अधिकारी; स्ट्रेस कम करने की कोशिश 

इंदौर। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी हॉस्टल में एसडीएम और अपर कलेक्टर द्वारा निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी को लेकर आज टीएल बैठक में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

पुनः निरीक्षण कर रिपोर्ट दें
मीडिया से चर्चा के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया, हमने यह अभियान शुरू किया था जिसमें हमारे वरिष्ठ अधिकारी हॉस्टल में जाकर बच्चों से बात करें और हॉस्टल के इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विषयों को भी सॉल्व करें। इसकी लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है, ताकि सिविल वर्क हो या इलेक्ट्रिसिटी का काम, हॉस्टलों की व्यवस्थाएं बेहतर रहें।

अधिकारी बच्चों के गार्जियन बने 
उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चे अपने माता-पिता और परिवार से दूर एक नए वातावरण में पढ़ाई करते हैं, जो उनके लिए एक बड़ा चैलेंज और स्ट्रेस होता है। हमारा उद्देश्य है कि अधिकारी एक गार्जियन की तरह बच्चों से संवाद रखें, उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को सुनें और दूर करें, ताकि बच्चा अच्छे से पढ़ाई कर सके।

नए अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी 
कलेक्टर ने बताया कि बीच में कई अधिकारियों के ट्रांसफर हुए हैं, इसलिए नए अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। अगली टीएल बैठक में हॉस्टलों की विशेष समीक्षा की जाएगी, जिसमें बच्चों की समस्याओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों को कैसे सॉल्व किया जा रहा है, इस पर चर्चा होगी।

बच्चों का स्ट्रेस कम करने की कोशिश 
उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से भी हॉस्टलों में कई काम किए गए हैं, जैसे बच्चों के लिए किताबें उपलब्ध कराना और आरओ वाटर लगाना। इसका मूल उद्देश्य यही है कि घर से दूर रह रहे बच्चों का स्ट्रेस कम हो और वे अपने करियर में अच्छा कर सकें।

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